Share Market kya hai, साथ में जानिए Sensex, Nifty और Bank Nifty के बारे में जानकारी

Share Market kya hai? कैसे इसमें निवेश करके की जा सकती है बेहतर कमाई। यह सवाल की जानकारी काफी शख्स चाहते हैं। खास बात यह है की इन लोगों की उम्र 18 साल से 25 साल तक की है। हालांकि इस शेयर बाजार में इतनी रुचि आने का मुख्य कारण रिसर्चर्स की माने तो दो कारणों से आया है वह है एक वेब सीरीज और दूसरी वजह अच्छा रिटर्न। यह मत पूछ लीजिएगा की यह रिसर्चर्स है कौन???

आज के इस ब्लॉग में आप जानेंगे Share Market kya hai? और इसमें कैसे किया जा सकता है निवेश। शेयर बाजार की कमाई हर शख्स को अपने ओर आकर्षित करती है लेकिन जल्दबाजी में निर्णय लेना सही नहीं क्योंकि शेयर मार्केट में कमाई तो है पर साथ ही साथ नुकसान भी है। लेकिन अगर हम निवेश से पहले कंपनी रिसर्च करें उनका profit and loss statement को खंगाले तो सही निर्णय ले सकते हैं। 

इस ब्लॉग में आप Share Market kya hai? यह तो जानेंगे ही साथ ही साथ इस बाजार में दो बेहद इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द Sensex kya hota hai और Nifty in Hindi भी जानेंगे।

दोस्तों मैं अजय गर्ग आप सभी का investearnblog.com पर स्वागत करता हूं। इस ब्लॉग पोस्ट की जानकारी आपको पसंद आए तो लाइक और शेयर जरूर करें। इससे मोटीवेशन मिलता है।

Share Market kya hai?

Share और Market दो अलग अलग शब्द हैं। दोनो को अलग करके आप इस शब्द का कुछ कुछ डेफिनेशन समझ ही गए होंगे। यही वह मार्केट है जहां लोग पैसों से पैसा कमाते हैं। दोस्तों मेरे इस कथन का सही मतलब क्या है यह आप डिटेल्स में इस पोस्ट में तो जानेंगे ही लेकिन आप सिर्फ मार्किट का बेसिक मीनिंग को ध्यान रखें। मार्किट एक ऐसी जगह को कहा जाता है जहां लोग सामान का लेन देन करते हैं। यह खरीदारी-बिकवाली पैसों पर की जाती है। शेयर मार्किट में शेयरों को खरीदा और बेचा जाता है।

Share kya hota hai?

शेयर को सिंपल लैंग्वेज में हिस्सा बांटना कहते हैं। जैसे की हम छोटे बच्चों को कहते हैं खाना शेयर करके खाओ। ऐसे ही जितने लोग होंगे उनमें बराबर हिस्सा करने को शेयर कहते हैं। इसे थोड़ा होर बेहतर ढंग से समझते हैं। अब यही खाना शेयर करने वाले उद्धारण को एक कंपनी के शेयर के तौर पर समझते हैं। 

दोस्तों यह तो आप जानते ही होंगे हर कंपनी को अपने बिजनेस चलाए रखने के लिए पैसों की लगातार जरूरत रहती है। अब आप हो सकता है Bank Loan का सोच सकते हैं की कंपनी बैंक से लोन क्यों नहीं लेती लेकिन उसका कारण है उसपर लगने वाला भारी इंटरेस्ट। दूसरा यह है की बैंक लोन में आप एक सीमित तक ही मूल्य उठा सकते हैं। 

इसीलिए कंपनी शेयर यानी की कंपनी के कुछ हिस्से बेचती हैं। इसी खरीद और बेचने के लिए एक मार्केट बनाया गया है जिसे Share Market कहा जाता है। इसमें कंपनी को पूंजी मिल जाती है ताकि अपने बिजनेस को वह लगातार चलाए रखने के लिए इस्तेमाल करते रहें और इस में निवेश करके बेहतर रिटर्न बनने के अवसर निवेशकों को मिलते रहते हैं। 

कंपनी शेयर क्यों निकालती है?

दोस्तों अमूमन यह सवाल तो उठेगा ही की भला क्यों कंपनी अपना हिस्सा बेचती है। क्योंकि हिस्सा बेचने का सीधा सीधा अर्थ कंपनी की ओनरशिप अर्थात मालिकाना हक बेचना होता है। अब कंपनी और उसके ऑनर का रिश्ता बिलकुल पैरेंट्स और बच्चों जैसा होता है। जैसे पैरेंट्स अपने बच्चों को पालते हैं और उनपर invest करते हैं ताकि भविष्य में वह बेहतर रिटर्न के तौर पर मदद कर सके। 

दरअसल कंपनी को grow करने के लिए पूंजी की लगातार जरूरत रहती है। दोस्तों शेयर निकालने का सबसे बड़ा कारण होता है कंपनी अपने ऊपर Bankruptcy होने का तमगा नहीं चाहते। 

शेयर बेचने का अर्थ मालिकाना हक बेचना ही होता है किंतु असल मालिक कंपनी के वही ऑनर रहते हैं जो होते हैं। कंपनी की ओनरशिप तब तक नहीं छीनी जा सकती जब मुख्य मालिक के पास 51% से ज्यादा का शेयर कंपनी में हो।

दरअसल यह कंपनी के ऊपर होता है वे अपनी कंपनी का कितना हिस्सा बेचकर पैसे बाजार से उठाना चाहते हैं। उसके लिए कंपनी को SEBI approval चाहिए होता है।

दोस्तों अगर आप जानना चाहते हैं की कंपनी शेयर मार्केट में कैसे लिस्ट होती है तो हमारे उस ब्लॉग पोस्ट का जरूर इंतजार करें। यहां उस पोस्ट का अपडेट कर दिया जाएगा। 

अब दोस्तों यह जानते हैं की कंपनी को हिस्सा बेचने में क्या फायदा होता है। क्योंकि यह स्वाभाविक बात है की व्यापार में लोग फायदा चाहते हैं जो की गलत भी नहीं हैं। इसीलिए कंपनी भी अपना फायदा ही चाहती है इसीलिए तो Share Market में अपने शेयर को बेचती हैं। 

Advantage of Selling Share

दोस्तों किसी भी कंपनी के लिए शेयर मार्केट में लिस्ट होना बेहद खुशी के बात होती है। कंपनियों के लिए यह किसी अचीवमेंट से कम नहीं। शेयर मार्केट में सक्सेसफुली लिस्ट होना ही कंपनी लोगों की नजर में बड़ा बना देती है। 

शेयर मार्केट में लिस्ट होने के कारण कंपनी को कैपिटल मिलने में काफी आसानी हो जाती है। हालांकि इसमें यह भी कहना जरूरी है की मात्र Share Market list में शामिल होने से पब्लिक कंपनी में investment नहीं करती। 

इसके लिए लोगों को यानी पब्लिक को company growth दिखानी होगी। दोस्तों यह तो आप जानते ही हैं की कोई भी शख्स दिवालिया होती कंपनी पर पैसा इन्वेस्ट नहीं करते। इसीलिए पब्लिक को किसी भी कंपनी इन्वेस्ट करने से पहले उस कंपनी का SWOT analysis जरूर कर लेना चाहिए। 

दोस्तों कंपनी के पास शेयर बेचकर पैसे उठाने के दो जरिए होते हैं एक तो एंजल इन्वेस्टर्स से पैसा उठाना और दूसरा Share Market से पैसा उठाना। दोनों में कंपनी को अपने बिजनेस में से थोड़ा प्रतिष्ट हिस्सा देना होता है। लेकिन कंपनी को शेयर मार्केट के जरिए पैसा उठाना थोड़ा कम जोखिम भरा रहता है। कम इसीलिए कह रहा हूं बिना रिस्क के तो शेयर बाजार में कोई काम ही नहीं होता चाहे कंपनी के लिए भी और निवेशकों के लिए भी रिस्क रहता ही है। 

एंजल इन्वेस्टर्स के पास अधिकतर स्टार्टअप बिजनेस वाले ही जाते हैं। दरअसल दोस्तों एंजल इन्वेस्टर्स आपके आइडियाज पर और आपके पोटेंशियल पर निवेश करते हैं, लेकिन पब्लिक जब शेयर पर इन्वेस्ट करती हैं वे हमेशा कंपनी के ग्रोथ पर दांव लगाती है। 

दोस्तों अब हम Advantage of Selling Share के बारे में जान लेते हैं की आखिर क्यों, कंपनियां पब्लिक को शेयर बेचने की होड़ में लगी रहती है।

1.Marketing

दोस्तों हर ऑनर चाहते हैं की उनकी कंपनी को लोग पहचाने ताकि कंपनी की ब्रांड वैल्यू बढ़ें। शेयर बाजार में लिस्ट होने की प्रक्रिया पार कर मार्केट में लिस्ट होना ही बहुत बड़ी अचीवमेंट मानी जाती है इसमें जो लिस्ट हो जाते हैं उसके बारे में लोग एक दम से सर्च करते हैं, कंपनी के बारे में लोग ज्यादा से ज्यादा जानकारी इकट्ठा करना चाहते हैं। इसी को आप और हम Marketing कह सकते हैं। इससे पूंजी तो प्राप्त होते ही है साथ ही साथ कई बार कई लोग ग्राहक भी बन जाते हैं। 

2. No Extra Debt

बिजनेस का मुख्य गोल अपने business growth के जरिए income generate करने का होता है। इसीलिए उन्हें लगातार पूंजी यानी की कैपिटल मनी की जरूरत रहती है। लोन लेने से कंपनियां इसीलिए कतराती हैं क्योंकि लोन समय पर भरना होता है जिसपर कंपनी को इंटरेस्ट भी देना होता है, लेकिन शेयर बेचने में कोई इंटरेस्ट नहीं देना होता।

3. Expansion

व्यापारी और आम इंसान में यही फर्क होता है की कभी कोई भी व्यापारी थोड़े से खुश नहीं रहते इसीलिए वे कोशिश करते रहते हैं की कैसे अपने Business expand करें। शेयर मार्केट से कंपनी को जो रकम मिलती है कंपनी उसे एक्सपैंड करने में इस्तेमाल करती है। यह एक्सपैंड किसी भी जरिए हो सकता है जैसे की कंपनी न्यू आउटलेट खोलती है या अपने कंपनी में नई फीचर को इंट्रोड्यूस करती है। 

4. Improving Borrowing ability

दोस्तों हर बिजनेस में ग्रोथ तभी पॉसिबल है जब वे अपने प्रोडक्ट्स लेटेस्ट इस्तेमाल करें। शेयर मार्केट में लिस्ट होने से मिलने वाले पेमेंट से कंपनी अपनी कंपनी के लिए लगातार समान खरीद सकते हैं। जैसे की कोई नई टेक्नोलॉजी या कोई नई मशीन या नई मार्केटिंग तकनीक या नया सॉफ्टवेयर। क्योंकि आगे वही बढ़ा है जो समय के साथ चला है। 

दोस्तों यह तो हैं Advantage of Selling Share इसके अलावा भी शेयर बाजार में शेयर बेचने से कंपनी को कई तर्ज पर फायदा होता है लेकिन फायदा सिर्फ कंपनियों को ही नहीं बल्कि पब्लिक को भी होता है। क्या आप जानते हैं वे फायदे?

Benefits of Buying Share

दोस्तों मार्केट में जब भी कोई नया शेयर आता है या कोई शेयर के दाम ऊपर जाने के चांसेज रहते हैं तो investors उस शेयर को खरीदने की होड़ लगा देते हैं। 

यह बात तो आप जानते ही हैं कोई भी इंसान बिना फायदे के किसी पर invest नहीं करते। यह इन्वेस्टमेंट वे earn करने के लिए ही करते हैं। इसके अलावा भी शेयर खरीदने के कई फायदे हैं जो कुछ यूं है:-

1. DIVIDEND

अगर किसी कंपनी के शेयर में प्रॉफिट दिख रहा है और वह शेयर आपके पास हैं तो हो सकता है कंपनी आपको अपने प्रॉफिट को डिविडेंट के रूप में आपके साथ साझा करें। हालांकि यह डिसीजन Board of Directors के अंतर्गत होता है लिकन इस डिसीजन का फायदा तभी है जब आप शेयरहोल्डर हो उस कंपनी के। 

2. Liquidity

स्टॉक्स को खरीदने वाले मार्केट में काफी मिल जाते हैं। दोस्तों NSE एंड BSE में हर दिन काफी ट्रांजेक्शन होती है। इसीलिए शेयरहोल्डर्स के बिकने वाले स्टॉक्स के खरीदार जल्दी मिल जाते हैं। 

3. Short time High return

शेयर मार्केट में अगर निवेश मार्केट एनालिसिस करके किया जाए तो कम समय में ज्यादा रिटर्न शेयर मार्केट से मिलना संभव है यह रिटर्न बैंक के FD से ज्यादा रहता है हालांकि Share Market risk से भरपूर रहता है। 

4. Protected By SEBI

ट्रेडिंग में रिस्क रहता है इसीलिए काफी इस फील्ड में इंटरेस्ट होने के बावजूद रिस्क होने का सोचते हुए इस Share Market से दूर रहते हैं, लेकिन ट्रेडर्स का रिस्क के डर को कम करने के लिए शेयर मार्केट में लिस्टेड कंपनी के सभी स्टॉक एक्सचेंज पर सेबी नजर बनाए रखती है। इनका मुख्य मकसद investors के पैसों को बचाना होता है।

दोस्तों अगर आपको भी यही फायदों का एक्सपीरियंस करना है तो आपको पहले डीमैट अकाउंट को खोलना होगा। Demat account kaise kholte hain इसकी जानकारी भी आपको जल्द इसी साइट पर मिलेंगी।

दोस्तों अब हमने यह तो जान लिया की Share Market kya hai लेकिन शेयर बाजार केवल इतना नहीं होता उसमे काफी टर्म आते हैं जिसका मतलब जानना भी जरूरी हैं। दोस्तों अब हम उन शब्दों के बारे में सटीक जानकारी जानेंगे।

Sensex kya hota hai?

सेंसेक्स दो शब्दों को मिलाकर बना है सेंसिटिव और इंडेक्स , यह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में लिस्टेड 30 बड़ी कंपनियों के शेयर के दाम में बढ़ोतरी और गिरावट को ट्रैक करता है। जिससे एक निवेशक जान पाता है की Share Market का रूख किस दिशा की ओर है।

Sensex को शेयर बाजार का बेंचमार्किंग इंडेक्स कहा जाता है। इसकी शुरुआत 1986 में हुई थी। हालांकि सेंसेक्स में कुल लिस्टेड कंपनी 6000 से ज्यादा होती है लेकिन मार्केट कैपिटल के आंकड़े को देखते हुए टॉप 30 कंपनियों के शेयर के दामों को ट्रैक करने को सेंसेक्स कहा जाता है।

Sensex कैसे बनता है?

शेयर मार्केट में से ट्रैक किए जाने वाले 30 कंपनियों के शेयर जो की 13 अलग अलग सेक्टर से लिए गए होते हैं असल में इसे चुनने का सबसे बड़ा कारण इन शेयरों की पॉपुलैरिटी का होना है।

दरअसल यह 30 कंपनियां ही पूरे मार्केट का आधा मार्केट कैप तो इन्हीं के पास होता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है की कंपनी अपने कस्टमरों में खासा विश्वास बनाए हुए हैं इसीलिए इन्वेस्टर्स भी इन पर invest करते हैं ताकि बेहतर Earn कर सकें।

यह 30 कंपियां कौन सी होगी इसका फैसला सरकार , फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन यानी की बैंक और कुछ इकोनॉमिस्ट शामिल होते हैं। यह चुनावी इंडेक्स कमेटी द्वारा चुने जाते हैं। इसी कमेटी के मेंबर में यह सब होते हैं।

दोस्तों सेंसेक्स के अलावा मार्केट में दो शब्द होर काफी इस्तेमाल किए जाते हैं एक तो है निफ्टी (Nifty 50) दूसरा शब्द है बैंक निफ्टी (Bank Nifty), शेयर मार्केट में इन दो टर्म्स का भी खासा मतलब है। चलिए इन दो शब्दों को सही से जानते हैं।

Nifty Kya hai?

Nifty Kya hai

निफ्टी को Nifty 50 भी कहते हैं। यह दो शब्द नेशनल और 50 से मिलकर बना है। इसमें 50 का मतलब दरअसल 50 शेयरों से हैं जो मुंबई में स्थित National Stock Exchange यानी की NSE में लिस्टेड 50 बड़े शेयर जो की मार्केट कैपिटल के आधार पर सेलेक्ट किए जाते हैं उनकी गणना करने को ही nifty कहा जाता है।

जैसे सेंसेक्स में 30 अलग अलग सेक्टर से शेयर चुने जाते हैं वैसे ही निफ्टी में इसकी संख्या 50 शेयर तक हो जाती है किंतु यह 50 शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनियों में से चुने जाते हैं जो 1994 में स्थापित हुई थी।

Bank Nifty kya hota hai?

Bank Nifty Kya hota hai

बैंक निफ्टी भारत के 12 बड़े बैंक का इंडेक्स है जो बाजार में बैंकों की स्थिति का ओवरव्यू दर्शाता है। यह सही मायने में ग्रोथ और लॉस दिखाते हैं। इसका इस्तेमाल इन्वेस्टर्स इंट्रडे ट्रेडिंग में ज्यादा करते हैं। इसकी शुरुआत साल 2000 में हुई थी तब से अभी तक इसमें देश के 12 बैंक ही शामिल हैं।

निष्कर्ष:- क्या सीखा

दोस्तों उम्मीद है इस डिटेल्ड ब्लॉग पोस्ट में आपको Share Market kya hai इसकी पूरी जानकारी मिली होंगी। साथ ही साथ इस मार्केट में निवेश के फायदों को भी बेहतर से बताने की पूरी कोशिश की गई है। उम्मीद है इस ब्लॉग के बाद आपके सभी बेसिक सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे। आगे के ब्लोग्स में आपको Share Market के अलावा Investment और earning tips भी शेयर किए जाएंगे। उसके लिए ब्लॉग में बने रहें।

धन्यवाद।

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दोस्तों मैं अजय गर्ग आपका दोस्त, साथी कुछ भी कह सकते हैं, लिखना का शौक है और इसीलिए पढने का भी शौक है, जो भी शिक्षा पढके अपने दोस्तों को यानी आपको बता सकूँ उतना खुशकिस्मत समझता हूँ।

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